BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़ में लगातार 3 दिन रहेगी छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और बैंक रहेंगे बंद

608 अभ्यर्थियों का होगा फेसलेस इंटरव्यू, दूसरी बार लागू हुई नई व्यवस्था

स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 70 से घटकर 50 रुपये किलो हुआ शक्कर का भाव

जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम? रायपुर समेत इन इलाकों में बारिश के आसार

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

: संगठन की कसावट : कांग्रेस में कमजोर जिलाध्यक्षों पर हो सकती है कार्रवाई, नियुक्त किए जाएंगे कार्यकारी…!!

Admin Thu, Apr 6, 2023

कांग्रेस में चुनावी बैठकें शुरू हो चुकी है। ओबीसी मोर्चा, निगम और प्रकोष्ठों की बैठकों में चुनावी जिम्मेदारियां बांटने के बाद अब जिले स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू होने जा रही है। आज से कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ जिलों के दाैरे पर निकलने वाले हैं। बताया जा रहा है कि हर जिलाध्यक्ष से उनके कार्यकाल में किये गए बड़े कामों का ब्यौरा मांगा जाएगा। इसके साथ ही प्रभारी मंत्री और महामंत्री कब-कब दौरे पर आए इसकी समीक्षा भी की जाएगी। जो जिले कमजोर हैं, वहां कार्रवाई भी होगी। कमजोर जिलों में कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किये जा सकते हैं।
  1. चुनाव के पहले बदलाव तय : कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में ही यह बात तय हो गई थी कि सीडब्ल्यूसी के बाद पीसीसी में बदलाव होंगे। मंगलवार को दिल्ली से लौटकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस ओर इशारा किया है। यह बदलाव प्रदेश स्तर से लेकर जिले स्तर तक जा सकता है। सूत्रों की मानें तो चुनाव के पहले कई जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं या उनकी जगह पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त हो सकते हैं।
  2. चुनाव के पहले बदलाव तय : कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में ही यह बात तय हो गई थी कि सीडब्ल्यूसी के बाद पीसीसी में बदलाव होंगे। मंगलवार को दिल्ली से लौटकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस ओर इशारा किया है। यह बदलाव प्रदेश स्तर से लेकर जिले स्तर तक जा सकता है। सूत्रों की मानें तो चुनाव के पहले कई जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं या उनकी जगह पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त हो सकते हैं।
  3. कई जिलों में मिल रही हैं शिकायतें
  4. कांग्रेस मुख्यालय से आने वाले बड़े-बड़े कार्यक्रमों को कई जिलाध्यक्ष बेहतर तरीके से नहीं कर रहे हैं, इस तरह की शिकायत संगठन में लगातार आ रही थी। हाल ही में ओबीसी प्रकोष्ठ की बैठक में कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें जिलाध्यक्ष का सहयोग नहीं मिलता है। कई जिलों में लगातार विवाद की जानकारी भी मिल रही थी। इसके बाद ही संगठन ने यह निर्णय लिया कि जिलों की समीक्षा होनी चाहिए। इसका जिम्मा सह प्रभारी विजय जांगिड़ को दिया गया।
  5. प्रदेश सचिव की नियुक्ति
  6. जिलाें में बदलाव से पहले 90 प्रदेश सचिव की नियुक्ति हो सकती है। इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को जिम्मेदारी दी गई है। प्रभारी कुमारी सैलजा ने भी सीडब्ल्यूसी के बाद प्रदेश में बदलाव की बात कही है। बताया जा रहा है कि बदलाव की शुरुआत प्रदेश सचिव से ही होगी। वर्तमान में 134 सचिव नियुक्त हैं।समीक्षा करूंगा“मैं आज से जिलों के दौर पर जा रहा हूं। जिलाध्यक्षों की समीक्षा की जाएगी। इसके आगे क्या होगा यह पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ही तय करेंगे।” – विजय जांगिड़, प्रदेश सह प्रभारी, पीसीसी

विज्ञापन

जरूरी खबरें