उत्कृष्ट कार्य करने वाले अतिथि : गणतंत्र दिवस पर लोकभवन में आयोजित स्वागत समारोह में होंगे आमंत्रित: राज्यपाल रमेन डेका….
Thu, Jan 15, 2026
रायपुर:
राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित होने वाले स्वागत समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 व्यक्तियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इन सभी ने खेल, शिक्षा, कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, कृषि, समाज एवं राष्ट्र सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई, बिलासपुर की कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी, जिन्होंने ओलंपिक सहित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, समारोह में अतिथि होंगी।
इसी प्रकार बिलासपुर के पर्यावरण योद्धा श्री दूजराम भेंड़पाल और श्री श्रेयांश बुधिया, दुर्ग जिले के मूर्तिकार श्री जॉन मार्टिन नेलसन तथा पंथी नर्तक श्री राघेश्याम बारले को आमंत्रित किया गया है।
कोरबा जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की व्याख्याता सह अधीक्षिका श्रीमती श्रद्धा जायसवाल, आंगनबाड़ी केंद्र भाठापारा पोड़ीउपरोड़ा की कार्यकर्ता श्रीमती बबीता कंवर, कोरिया जिले की महिला उद्यमी सुश्री हीना बेगम तथा सोन हनी उत्पादक श्री रघुवीर सिंह जिनकी सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में की थी, वे भी समारोह में शामिल होंगे।
सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत तिलसिवां की लक्ष्मी आजीविका समूह की अध्यक्ष श्रीमती अजय कुमारी सिंह एवं ग्राम पंचायत तेलगवां की कुबेर स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती देव कुमार को भी आमंत्रण दिया गया है।
शहीद राजकुमार केरकेट्टा की पत्नी लोयोला, राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता कुमारी चांदनी, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शहीद श्री महेश राम पैकरा की पत्नी श्रीमती चंद्रकिरण, राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी कुमारी देविका सिंह तथा राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता छात्रा कुमारी निहारिका नाग भी अतिथि होंगी।
जांजगीर-चांपा जिले की अंतर्राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कुमारी शालू डहरिया, बेमेतरा जिले की पंडवानी गायिका श्रीमती शांति बाई, फसल उत्पादन, मछली पालन एवं पशुपालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्री मोहित साहू और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जैविक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्री वामन टिकरिहा को आमंत्रित किया गया है।
महासमुंद जिले की बास्केटबॉल खिलाड़ी, स्वर्ण पदक विजेता सुश्री दिव्या रंगारी, राष्ट्रीय शौर्य एवं राज्य वीरता पुरस्कार से सम्मानित कुमारी पूनम यादव, बीजापुर जिले की सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कुमारी रेणुका तेलस (5 बार राष्ट्रीय पदक विजेता), श्री राकेश कड़ती (8 बार राष्ट्रीय पदक विजेता), राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी ईशा कुडियम, तीरंदाज रोहित कोरसा, बस्तर (जगदलपुर) के पर्यावरण योद्धा श्री विधूशेखर झा तथा शहीद की पत्नी श्रीमती दयमती सेठिया भी समारोह की अतिथि होंगी।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के राष्ट्रीय स्तर के ओलंपिक खिलाड़ी मोनू गिर गोस्वामी, असाधारण शिक्षक एवं बहादुरी पुरस्कार विजेता परी सिंघई, उत्कृष्ट कार्य के लिए सरपंच श्यामवती, सक्ति जिले के शहीद श्री दीपक भारद्वाज (एस.आई.) के पिता श्री राधेलाल भारद्वाज, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले प्रधान पाठक शैल कुमार पाण्डेय, 69वीं राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता 2025-26 में सहभागी कुमारी एडविना कांत, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पैरा ओलंपिक तैराक श्री रूपेश कुमार चनापे (3 स्वर्ण सहित 18 पदक विजेता), ओडिसी शास्त्रीय नृत्यांगना कुमारी माधुरी पुरामे तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रथम किन्नर सरपंच सोनू सिंह उरांव भी आमंत्रित अतिथियों में शामिल हैं। लोकभवन के अवर सचिव श्री अनुभव शर्मा (मोबाइल: +91-98261-40500) को आमंत्रित अतिथियों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है: : सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने चुना शांति और सम्मान का मार्ग – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
Thu, Jan 15, 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा और भटकाव का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस भरोसे, सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौट रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जहाँ कभी भय, दबाव और असुरक्षा का वातावरण था, वहाँ अब सुरक्षा शिविरों की सशक्त मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में विकास कार्य, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि “जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का रास्ता चुनेगा, उसके लिए सरकार सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।” सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाकर उन्हें एक नई पहचान और नया जीवन देना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 29 युवाओं का मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली है। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि उस संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है जो संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।
राज्य सरकार ने पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भटकाव छोड़ने वाले युवाओं को समाज में सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिले। छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।