: छत्तीसगढ़ में गजब की धांधली: फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी कर रहा शिक्षक, शिकायत होने पर कार्रवाई नहीं, मिला प्रमोशन
Wed, Jan 1, 2025
छत्तीसगढ़ में गजब की धांधली: फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी कर रहा शिक्षक, शिकायत होने पर कार्रवाई नहीं, मिला प्रमोशन
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में कमलेश्वर पटेल नामक शिक्षक ने फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी की है। उन्होंने अपनी सर्विस बुक में 1997 में 12वीं पास होने का उल्लेख किया है, जबकि उनके सर्टिफिकेट पर "सप्लीमेंट्री" लिखा हुआ था।
CG Fake Certificate Job: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक शिक्षक लगभग 20 वर्षों से फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी कर रहा है।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. डीएन मिश्रा की मिलीभगत का आरोप भी सामने आया है। शिकायत के बावजूद, डॉ. मिश्रा ने उक्त शिक्षक को प्रमोशन और स्थानांतरण का लाभ दिया। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी
बताया गया है कि बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में कमलेश्वर पटेल नामक शिक्षक ने फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी की है। उन्होंने अपनी सर्विस बुक में 1997 में 12वीं पास होने का उल्लेख किया है, जबकि उनके सर्टिफिकेट पर “सप्लीमेंट्री” लिखा हुआ था।
इस मामले की शिकायत विभाग में की गई थी और तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विभागीय जांच की मांग की थी। लेकिन, आरोप है कि वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मिश्रा ने इस मामले को दबा दिया और कमलेश्वर पटेल को निलंबन से बहाल कर रामचंद्रपुर विकासखंड में पदस्थ किया। इसके बाद, उन्होंने गुप्त रूप से अपने आदेश में संशोधन कर पटेल को वाड्रफनगर विकासखंड भेज दिया।
शिकायतकर्ता ने कहा- आरोपी को सजा दिलाने तक करेंगे लड़ाई
आरोप लगाया है कि इस मामले को दबाने के लिए मोटी रकम की उगाही की गई और लेन-देन हुआ। शिकायतकर्ता निर्मल पटेल ने कहा कि वह इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक आरोपी को सजा नहीं दिला देते।
उनका कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे कमलेश्वर पटेल को उच्च अधिकारियों और पुलिस में शिकायत करने के बावजूद न केवल निलंबित किया गया, बल्कि उसे फिर से नौकरी पर बहाल कर दिया गया।
मामले की जांच करवाई जाएगी: मिश्रा
इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. डीएन मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह सवाल उठता है कि जब उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ जांच की मांग की, तो उन्हें क्यों दबाया गया?
: आरक्षण में कटौती से नाराज ओबीसी वर्ग, चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ करने दी चेतावनी
Tue, Dec 31, 2024
आरक्षण में कटौती से नाराज ओबीसी वर्ग, चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ करने दी चेतावनी
नगरीय निकाय चुनाव के आरक्षण में कटौती से नाराज ओबीसी समाज ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ करने चेतावनी दी.सीजीलाइव24नयूज
कांकेर : नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण पर कटौती से पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज नाराज है. ओबीसी वर्ग समाज ने आज बस्तर संभाग महाबंद का ऐलान किया है. समाज के लोग प्रदर्शन करते हुए माकड़ी के पास चक्काजाम कर सड़क पर बैठे हुए हैं,जिसके चलते आज सुबह से सभी दुकानें बंद हैं और आवागमन भी बाधित है.पिछड़ा वर्ग समाज करेगा उग्र आंदोलन : पिछड़ा वर्ग समाज का कहना है कि सरकार द्वारा नगरीय निकाय चुनाव में जो आरक्षण तय किया गया है, उसे निरस्त किया जाए. दोबारा से आरक्षण कराकर ओबीसी समाज को आरक्षण का लाभ दिया जाए. समाज का कहना है कि यदि धरना प्रदर्शन, बस्तर बंद और चक्का जाम के बाद भी पिछड़ा वर्ग समाज की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं देती है, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन पिछड़ा वर्ग समाज करेगा.
चुनाव में बीजेपी का सूपड़ा साफ करने दी चेतावनी सीजी लाइव 24न्यूज विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव आगामी दिनों में संपन्न होगा. इस चुनाव में पिछड़ा वर्ग समाज की सीटों को काटा गया है. आरक्षण की प्रक्रिया में पिछड़ा वर्ग समाज को नुकसान झेलना पड़ा है, जिसके कारण पिछड़ा वर्ग समाज ने आज 30 दिसंबर को बस्तर संभाग बंद करने का आह्वान किया है. : हरेश चक्रधारी, प्रमुख, पिछड़ा वर्ग समाज
सरकार का सूपड़ा साफ कर समाज जवाब देगा":ओबीसी वर्ग समाज के हरेश चक्रधारी का कहना है कि छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए आरक्षण हुआ है. पिछड़ा वर्ग समाज पिछले कई वर्षों से मांग कर रहा है कि हमें 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए. लेकिन सरकार ने हमारे आरक्षण को बढ़ाने के बजाए कम कर दिया है. लगभग शून्य पर ला दिया है. हमारी मांग है कि पार्षदों के लिए पहले जो पिछड़ा वर्ग का आरक्षण हुआ है, उसे निरस्त किया जाए. फिर से पिछड़ा वर्ग का आरक्षण कर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए.आज आंदोलन के जरिए सरकार को जगा रहे हैं. यदि सरकार नहीं जागती है तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन होगा. आंदोलन से भी सरकार नहीं मानेगी तो अभी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होना है. उसमें भारतीय जनता पार्टी की अहंकारी सरकार का सूपड़ा साफ कर पिछड़ा वर्ग समाज इसका जवाब देगा : हरेश चक्रधारी, समाज प्रमुखपिछड़ा वर्ग समाज को कांग्रेस का समर्थन :प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण को लेकर शुरू से ही पिछड़ा वर्ग समाज नाराज जता रही है. पिछड़ा वर्ग समाज का कहना है कि इस चुनाव में पिछड़ा वर्ग समाज की सीटों को काटा गया है. पिछड़ा वर्ग समाज प्रदेश भर में प्रदर्शन कर आरक्षण में बदलाव का फैसला वापस लेने की मांग कर रही है. वहीं, अब पिछड़ा वर्ग समाज के इस मांग का कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है. सीजी लाइव 24न्यूज