CG : नाइट ड्यूटी के बाद यहां मिली स्टाफ नर्स की लाश, पुलिस के भी उड़ गए होश
Wed, Dec 10, 2025
बलौदाबाजार-
बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की छत पर स्टाफ नर्स अभिलाषा जॉन की लाश मिली है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ये पूरा मामला कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
नाइट ड्यूटी के बाद लापता
मिली जानकारी के अनुसार, कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के रूप में काम करने वाली अभिलाषा जॉन से नाइट शिफ्ट खत्म होने के बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा था। पूरे दिन उसे कॉल किया गया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। इसके बाद थाने में सुचना दी गई।
पुलिस के भी उड़ें होश
जिसके बाद हरकत में आई बाद पुलिस की टीम ने उसके मोबाइल ट्रेस किया, जिसमें उसकी लोकेशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के छत पर मिली। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो उसके भी होश उड़ गए।
पुलिस ने देखा की युवती छत पर मृत अवस्था में पड़ी है और उसका सामान पास में ही बिखरा पड़ा है। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि युवती ने जहर सेवन कर आत्महत्या की है।
BREAKING : : सीएम कैबिनेट की बैठक खत्म, कई अहम फैसलों पर लगी मुहर
Wed, Dec 10, 2025
रायपुर।
आज 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी, जो अब खत्म हो चुकी है। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास में सुबह 11 बजे आयोजित की गई थी। जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के मुहर लगाई गई। वहीं अब बैठक खत्म होने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी।
बैठक की मुख्य बिंदु
2025 आत्म समर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद अपराधी प्रकरणों के निराकरण वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया गया। 2025 पुनर्वास नीति के अनुरूप आत्मा समर्पित नक्सली के अच्छा आचरण नक्सलमूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखते हुए उसके खिलाफ दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।
वहीं समिति गठित किया गया है जो पुलिस मुख्यालय में ऐसे प्रकरण पर विचार विमर्श किया जाएगा, उप समिति द्वारा लिए गए निर्णय को कैबिनेट में रखा जाएगा उसके बाद अंतिम मुहर लगाकर जिला कलेक्टर को भेजा जाएगा।
कई अधिनियम में उल्लंघन पर जुर्माना कारावास का प्रावधान न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है जिसे आम नागरिक व्यवसाय दोनों पर अमावस्या रूप से प्रभावित होते है। प्रावधानो को सरलिकरण आवयक है। 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 विधेयक लाया जाएगा, जिससे जल्द लोगो को राहत मिलेगी।