रायगढ़। जिले में अवैध क्रिकेट सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत : IPL सट्टा नेटवर्क का खुलासा, खाईवाल सानू बेरीवाल गिरफ्तार
Vinod Prasad Fri, Aug 21, 2026
रायगढ़। जिले में अवैध क्रिकेट सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चक्रधरनगर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आईपीएल 2026 के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने करीब चार महीने से फरार चल रहे क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपियों में सानू बेरीवाल पिता स्वर्गीय ललित बेरीवाल उम्र 32 वर्ष निवासी पंचवटी कॉलोनी थाना चक्रधरनगर रायगढ़, मोहित संथालिया पिता अजय संथालिया उम्र 19 वर्ष निवासी मोवा रायपुर और विजय कुमार देवांगन पिता स्वर्गीय सीताराम देवांगन उम्र 43 वर्ष निवासी थाना चक्रधरनगर रायगढ़ शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आईपीएल 2026 के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने की सूचना पर ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत कार्रवाई की गई थी। 9 अप्रैल 2026 को साइबर थाना और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बोईरदादर शालिनी स्कूल रोड स्थित गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर में दबिश दी थी।
इस दौरान पुलिस ने पंकज जयसिंह और जयदेव मित्रा को मोबाइल फोन के माध्यम से KKR और LSG के बीच खेले जा रहे आईपीएल मुकाबले में हार-जीत पर रुपये का दांव लगवाते पकड़ा था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया था कि वे मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल के लिए क्रिकेट सट्टे का काम करते थे। सट्टे की रकम का लेन-देन यूपीआई के माध्यम से किया जाता था। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने पंचवटी नगर बोईरदादर निवासी कशिश बलानी को भी आईपीएल मैच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते हुए पकड़ा था। पूछताछ में उसने भी सानू बेरीवाल के लिए लंबे समय से क्रिकेट सट्टे का काम करने और यूपीआई के माध्यम से रकम के लेन-देन की बात स्वीकार की थी।
इन मामलों में थाना चक्रधरनगर में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने सानू बेरीवाल, मोहित संथालिया और विजय कुमार देवांगन के साथ मिलकर सट्टा संचालन की जानकारी दी थी। मामला दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस टीम द्वारा लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान 21 अगस्त 2026 को पुलिस को आरोपियों के मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने क्रिकेट सट्टे में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम बयान के आधार पर सानू बेरीवाल के कब्जे से दो मोटोरोला मोबाइल, मोहित संथालिया से एक सैमसंग मोबाइल और विजय कुमार देवांगन से एक सैमसंग मोबाइल जब्त किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और साइबर डीएसपी रोहन शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, उप निरीक्षक गेंद लाल साहू, एएसआई आशीष रात्रे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि सट्टा-जुआ और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत फरार आरोपियों को चिन्हित कर लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है। अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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