BREAKING NEWS

जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 6 राज्यों में घर-घर सर्वे

का जन्मदिन बना जन-उत्सव, 24 घंटे उमड़ा जनसैलाब

बदला मौसम का मिजाज, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

कई डायवर्ट—सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट”

ओम बिरला का बड़ा फैसला

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

पुष्प वर्षा से कावड़ियों का स्वागत : मुख्यमंत्री साय आज भोरमदेव में करेंगे पुष्प वर्षा से कावड़ियों का स्वागत

Vinod Prasad Mon, Jul 28, 2025

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव भी रहेंगे उपस्थित, हजारों श्रद्धालुओं की होगी सहभागिता

रायपुर- श्रावण मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थापित बाबा भोरमदेव धाम एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर परिसर पहुँचकर सुबह कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं, भक्तों और कावड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत और अभिनंदन करेंगे। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा के माध्यम से स्वागत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार की सनातन परंपरा, लोक आस्था और श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान भाव को दर्शाता है।
श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर विशेष महत्व रखता है। यह तीसरा सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और आस्था दोनों चरम पर रहेंगी। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, मुंगेली, बिलासपुर सहित अन्य जिलों से हजारों की संख्या में कांवड़िए भोरमदेव पहुँचते हैं। हजारों की संख्या में माँ नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु जल लेकर पदयात्रा करते हुए भोरमदेव मंदिर पहुँचते हैं और भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करते हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, भोजन, रात्रि विश्राम, पार्किंग, मार्गदर्शन एवं प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर क्षेत्र को विद्युत सज्जा, भजन संध्या और स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से पूरी तरह भक्तिमय रूप में परिवर्तित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में श्रद्धालुओं के सम्मान एवं सेवा की यह परंपरा एक नई ऊँचाई की ओर बढ़ रही है। पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन करना केवल एक प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि सरकार की इस भावना का प्रमाण है कि वह धर्म, आस्था और संस्कृति के साथ खड़ी है।

भोरमदेव धाम जिसे “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” भी कहा जाता है, सावन के इस विशेष दिन पर आस्था के महासंगम का केंद्र बनेगा। कांवड़ यात्रा और मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों की उपस्थिति के चलते यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक सहभागिता का अनुपम उदाहरण बन जाएगा।