: हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली जो 500 वर्षों के संघर्ष के बाद श्रीराम मंदिर बनता देख रही – पाण्डेय
Mon, Mar 13, 2023
38वें वर्ष की रामनवमी शोभायात्रा में भी शामिल होंगे 1100 से अधिक ध्वजवाहक
Bhilai : भिलाई। श्रीराम जन्मोत्सव समिति भिलाई द्वारा विगत 37 वर्षों से श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के ध्वजवाहकों का सम्मान समारोह आज आयोजित किया गया। श्रीरामनवमी उत्सव के 38वें वर्ष के अवसर पर गुंडिचा मण्डप सेक्टर 10 में आयोजित इस सम्मान समारोह में 1100 से अधिक ध्वजवाहकों और झांकी प्रमुखों का सम्मान किया गया।Shriram Janmotsav Samiti Bhilai : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप समिति के संरक्षक व पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय उपस्थित रहे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश में लोग श्रीराम वन गमनपथ बना रहे हैं लेकिन आज भी प्रभु श्रीराम को नहीं मानते हैं। इस दौरान उन्होंने समिति द्वारा चलाये जाने वाले “एक मुट्ठी दान- श्रीराम के नाम” अभियान की शुरूआत कर दान थैली का भी विमोचन किया एवं समस्त भिलाईवासियों से इस पुण्य अभियान में सहभागी बनने आह्वान किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि 37 वर्षों से श्रीराम जमोत्सव समिति लगातार शोभायात्रा निकाल रही है जो इनकी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने ध्वजवाहकों के सम्मान में कहा कि ध्वज प्रमुख बनना अपने आप में गर्व का विषय है।इस अवसर पर श्री राम जन्मोत्सव समिति के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश माने ने कहा कि आज मध्य भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के रूप में श्री राम जन्मोत्सव समिति के श्रीरामनवमी उत्सव ने अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यह समस्त भिलाइवासियों के बहुमूल्य सहयोग एवं हमारे ध्वज प्रमुखों की अगुवाई में सार्थक हुआ है।प्रांतीय महामंत्री बुद्धन ठाकुर ने कहा कि श्रीरामनवमी का यह उत्सव करोड़ों देशवासियों के आस्था एवं प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य आस्था का प्रतीक है जो हमारी गौरवशाली सनातन परंपरा को जीवंत रखे है। समिति के जिला अध्यक्ष सेवकराम साहू ने कहा कि अयोध्या में पूर्णतः की ओर अग्रसर श्रीराम मंदिर करोड़ों रामभक्तों और धर्मप्रेमियों के आस्था का केंद्र है। इसके लिए कई वर्षों का संघर्ष रहा है और आज उस संघर्ष का प्रतिफल पूरे भारतवर्ष को अभिभूत करने वाला है। हमारी संत व सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसी तरह राम नाम का नारा गुंजायमान करते रहना होगा।समिति ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका – पाण्डेय
समिति के संरक्षक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि 80 के दशक में जब लोग तिलक लगाने और मौली बांधने वालों को रूढ़िवादी मानते थे। इस दौर में श्रीराम जन्मोत्सव समिति ने न केवल हिन्दुत्व का ध्वज लहराया बल्कि भिलाईवासियों को धर्म के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने श्रीरामनवमी के आयोजन के साथ ही हिन्दू परंपरा को गौरव से मनाने में सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दी।कार्यक्रम में मुख्य रूप से लालचंद मौर्य, अरविंद वर्मा, तिलकराज यादव, रविन्द्र भगत, रविन्द्र राउल, अरूण सिंह, मदन सेन, विष्णु पाठक, केके तिवारी, संजय दानी, श्यामसुंदर राव, धर्मेंद्र भगत, ईश्वरी नेताम, वीणा चंद्राकर, रश्मि सिंह, उपासना साहू, रीना नैय्यर, जोगिंदर शर्मा, रिंकू साहू, मुकेश सिंह, शिवप्रकाश शिबू, जे. श्रीनिवास राव सहित हजारों की संख्या में श्रीरामभक्त उपस्थित थे।
: जीवन आनंद फाउंडेशन को मिला 25 अप्रैल से 1 मई की कथा तारीख…. इस्पात नगरी भिलाई में दूसरी बार पंडित मिश्रा का आगमन
Sat, Mar 11, 2023
भिलाई नगर 11मार्च 2023 : अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले पं. प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा की तैयारी इस्पात नगरी भिलाई में शुरू हो गई है। जीवन आनंद फाउंडेशन द्वारा इस शिवमहापुराण की कथा का आयोजन किया जाना है। कथा आयोजित करने के लिए फांउडेशन के विनोद सिंह ने आचार्य पं. मिश्रा से मुलाकात की गई है। इस दौरान भिलाई में कथा के लिए 25 अप्रैल से 1 मई तक की तिथि तय की गई है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी दूसरी दफा इस्पात नगरी भिलाई आगमन हो रहा है इसके पूर्व बीएसपी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 7 के परिसर में उनका आगमन हुआ था राजधानी रायपुर में भी उनका पूर्व में आगमन हो चुका है। इस्पात नगरी भिलाई में कथा को लेकर अभी स्थल का चयन नहीं हुआ है शीघ्र ही स्थल का भी चयन कर लिया जाएगाअंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा श्रवण करने के लिए लाखों भक्तों की भीड़ जुटती है। हजारों भक्तजन पंडाल में ही सात दिन तक रुकते हैं और कथा श्रवण करते हैं। पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से मिलाई में शिवमहापुराण की कथा स्थल के लिए जीवन आनंद फाउंडेशन द्वारा प्रशासन से बातचीत चल रही है।अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले प प्रदीप मिश्रा को शिवमहापुराण कथा में न केवल स्थानीय बल्कि आसपास जिले के लोग पहुंचते हैं। कथा स्थल का विशेष महत्व शिवमहापुराण कथा में बताया गया है। इसलिए जितने दिन की कथा होती है उतने दिन स्थल कैलाशधान के रूप में कथा स्थल पूजा जाता है। जिसकी वजह से भक्तजन इस पावन धरा की रज को प्रणाम करने के लिए लाखों की संख्या में पहुंचते हैं।अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले पं. मिश्रा की शिवमहापुराण कथा बीएसपी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण सेक्टर 7 के मैदान में दिसंबर 2021 को आयोजित की गई थी। मां कामाक्षा महिला मंडल द्वारा यह कथा पहली बार आयोजित की गई थी। तब भिलाई, दुर्ग व आसपास के लोगों के बीच भगवान शिव की महिमा इतनी अधिक नहीं पहुंच पाई थी जितनी आज है।तैयारी कुबेर भंडारी की मिलाई की पावनधरा पर कुबेर भंडारी का आगमन गमन हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले प. प्रदीप मिश्रा जी ने शिवमहापुराण कथा की तिथि प्रदान कर दी है। कथा स्थल चयन दो-तीन दिन के भीतर कर लिया जाएगा।अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक सिहोर वाले पं. प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा श्रवण करने के लिए लाखों भक्तों की भीड़ जुटती है। हजारों भक्तजन पंडाल में ही सात दिन तक रूकते हैं और कथा श्रवण करते हैं। पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से भिलाई में शिवमहापुराण की कथा स्थल के लिए जीवन आनंद फाउंडेशन द्वारा प्रशासन से बातचीत चल रही है।विनोद सिंह आयोजक जीवन आनंद फाउंडेशन भिलाई