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गरियाबंद :एक तरफ जहां प्रदेश भर में दस सूत्रीय मांगो को लेकर नेशनल हेल : महासमुंद और गरियाबंद रोड में चक्काजाम, अपनी मांगों को लेकर आंदोलनकारी मितानिनों ने रास्ता रोका

गरियाबंद :एक तरफ जहां प्रदेश भर में दस सूत्रीय मांगो को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन यानी एनएचएम कर्मियों की हड़ताल जारी है तो दूसरी तरफ प्रदेशभर के आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने भी अलग-अलग मांगो को लेकर मोर्चा खोल रखा है। वे अपनी दो सूत्री मांगो को लेकर पिछले महीने के 7 तारीख़ से हड़ताल पर है। इसी कड़ी में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की योजना रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के घेराव की थी। वे नया रायपुर स्थित तूता में धरना देने वाले थे। हालांकि अब खबर आ रही है कि, उन्हें पुलिस ने रोक दिया है। इन्ही वजहों से रायपुर आने वाले ज्यादातर सड़कें जाम चल रही है। बताया जा रहा है कि, आंदोलनकारी मितानिनों की वजह से महासमुंद टोल, बेरला रोड, गरियाबंद रोड में जगह-जगह जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किये गए जो यातयात को बहलकारने में जुटे है। आंदोलन में रायपुर शहर क्षेत्र के मितानिनों ने सक्रिय तौर पर हिस्सा नहीं लिया है, जबकि पूरे प्रदेश की मितानिनें इस आंदोलन शामिल है।छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की बिलासपुर जिला शाखा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। मीडिया से हुई बातचीत पर संघ का कहना है कि 50 वर्षों से सेवाएं देने के बाद भी उन्हें न कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही श्रमिक का। न्यूनतम मजदूरी, पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि अक्टूबर 1975 से आईसीडीएस की स्थापना के बाद से वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही हैं। देश भर में इनकी संख्या 27 लाख है।

 

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