: जानिए आखिर 6 करोड़ साल पुरानी शालिग्राम शिला से क्यों बनाई जाएगी रामलला की मूर्ति? पढ़े इस खास पत्थर की पूरी कहानी
Fri, Feb 10, 2023
शालिग्राम 33 प्रकार के होते हैं, जिनमें से 24 को भगवान विष्णु के 24 अवतारों से जोड़ा जाता है, यही कारण है कि शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना जाता है…शालिग्राम के बारे में क्या कहती है साइंस? विज्ञान में शालिग्राम को एक तरह का जीवाश्म माना गया है जोकि 33 प्रकार के होते हैं. विज्ञान के अनुसार, शालिग्राम ‘डेवोनियन-क्रिटेशियस पीरियड’ का एक काले रंग का ‘एमोनोइड शेल फॉसिल्स’ है. बताया जाता है कि डेवोनियन-क्रिटेशियस पीरियड 6 करोड़ साल पहले था. यह वो पीरियड था जब धरती के 85 फीसदी हिस्से में पानी होता था। क्या होता है जीवाश्म? जीवाश्म दो शब्दों जीव+अश्म से मिलकर बना है. इसमें अश्म का अर्थ ‘पत्थर’ होता है. इस प्रकार सोचा जाए तो जीवाश्म का मलतब है कि ऐसा जीव जो पत्थर बन गया. अंग्रेजी में जीवाश्म को फॉसिल (Fossil) कहते हैं. शालिग्राम पत्थर बेहद मजबूत होते हैं और शिल्पकार इन पर बारीक से बारीक आकृतियां उकेर पाते हैं. शालिग्राम कई रंगों के होते हैं लेकिन सुनहरा और ज्योति युक्त शालिग्राम पत्थर सबसे दुर्लभ होता है।शालिग्राम पत्थर का धार्मिक महत्व शालिग्राम 33 प्रकार के होते हैं, जिनमें से 24 को भगवान विष्णु के 24 अवतारों से जोड़ा जाता है. यही कारण है कि शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना जाता है। शालिग्राम के आकार का क्या महत्व है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर शालिग्राम गोल है तो उसे भगवान विष्णु का गोपाल रूप माना जाता है. अगर यह मछली के आकार का है तो उसे मत्स्य अवतार का प्रतीक माना जाता है. कछुए के आकार के शालिग्राम को कुर्म और कच्छप अवतार का प्रतीक माना जाता है. शालिग्राम पर उभरे चक्र और रेखाओं का भी विशेष महत्व बताया जाता है. पत्थर पर उभरे चक्र और रेखाओं को भगवान विष्णु के अन्य अवतारों और रूपों का प्रतीक माना जाता है क्योंकि विष्णु जी के गदाधर रूप में एक चक्र का चिह्न होता है. लक्ष्मीनारायण रूप में दो, त्रिविक्रम रूप में तीन, चतुर्व्यूह रूप में चार और वासुदेव में पांच चिन्ह होते हैं। महाभारत में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को शालिग्राम के गुण बताए थे. वैष्णवों के अनुसार शालिग्राम ‘भगवान विष्णु का निवास स्थान’ है और जो कोई भी इसे रखता है, उसे प्रतिदिन इसकी पूजा करनी चाहिए। कहां-कहां हैं शालिग्राम से बनीं मूर्तियां? भारत के 4 बड़े मंदिरों की मूर्तियां भी शालिग्राम शिला से बनाई गई हैं. इनमें उडुपी का कृष्ण मठ, वृंदावन का राधा रमण मंदिर, तिरुवनंतपुरम का पद्मनाभस्वामी मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर शामिल हैं. बता दें कि अयोध्या में रामलला की मूर्ति 5 से साढ़े 5 फीट की तैयार की जाएगी. बताया जा रहा है कि रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें सीधे रामलला के माथे पर पड़ेंगी।
: मुख्य मजिस्ट्रेट के कोर्ट में घुसा तेंदुआ: अंदर मौजूद कई लोगों पर किया जानलेवा हमला, मचा अफरातफरी
Thu, Feb 9, 2023
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परिसर खाली कराने के बाद तेंदुए को सीढ़ी के सहारे निकालने का प्रयास किया जाएगा, उनका कहना है कि हमारे पास तेंदुए को पकड़ने के लिए फिलहाल जाल ही है…गाजियाबाद (ए)। गाजियाबाद की कोर्ट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोर्ट परिसर में तेंदुआ घुस आया. इस दौरान तेंदुए ने कोर्ट के अंदर मौजूद कई लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है. चार घायलों को संजय नगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची इधर, गाजियाबाद कोर्ट परिसर में तेंदुए के घुसने की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची गयी है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. पुलिस और वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में जुटी रही।कई लोगों को किया जख्मी शाम के समय कोर्ट परिसर में अच्छी खासी भीड़ रहती है. इस दौरान तेंदुए ने कोर्ट परिसर में मौजूद कई लोगों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया. फिलहाल बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर छिपे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और मुकदमे की पैरवी करने आये वकीलों और आम लोगों को निकाला जा रहा है।जूता पॉलिस करने वाले पर किया हमला जानकारी के अनुसार, शाम सवा चार बजे कचहरी परिसर में आईएमटी की तरफ से अचानक तेंदुआ घुस आया. इसके बाद तेंदुए ने सीजेएम कोर्ट के सामने जूते पॉलिश करने वाले सलीम नाम के युवक पर हमला कर उसे घायल दिया. इसके बाद तेंदुआ बिल्डिंग की पहली मंजिल पर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में घुस गया। यह देख वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे. परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई. तुरंत घटना की सूचना पुलिस आयुक्त और वन विभाग को टीम को दे दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गयी।