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: एक भैंस दो दावेदार : जब पंचायत नहीं कर पायी फैसला तो भैंस ने खुद सुलझा दिया विवाद

एक भैंस दो दावेदार : जब पंचायत नहीं कर पायी फैसला तो भैंस ने खुद सुलझा दिया विवाद मामला जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के राय असकरनपुर गांव निवासी नंदलाल सरोज का है. कुछ दिन पहले उनकी भैंस गायब हो गई और भटककर पूरे हरिकेश गांव में पहुंच गई. नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक अनोखा मामला सामने आया है. दरअसल, एक भैंस पर 2 लोगों का दावा था. इसके लिए पंचायत हुई, मामला पुलिस के पास भी गया, मगर कुछ भी नतीजा नहीं निकला. ऐसे में भैंस ने ही अनसुलझे केस को सुलझा लिया. जानिए, क्या है मामला, और कैसे भैंस ने केस को सुलझाया. क्या है पूरा मामला? मामला जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के राय असकरनपुर गांव निवासी नंदलाल सरोज का है. कुछ दिन पहले उनकी भैंस गायब हो गई और भटककर पूरे हरिकेश गांव में पहुंच गई, जहां हनुमान सरोज नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर उसे पकड़ लिया. खोजबीन शुरू की गई तो पता चला कि उसकी भैंस पूरे हरिकेश गांव में हनुमान सरोज के यहां बंधी है. नंद लाल बुधवार को हनुमान सरोज के घर पहुंचा तो उसने अपनी भैंस बताते हुए देने से इन्कार कर पंचायत में भी नहीं सुलझा शिकायत मिलने पर इस मामले को पंचायत में ले जाया गया. हालांकि, वहां भी ये मामला नहीं सुलझा. ऐसे में इस मामले को पुलिस के समक्ष ले जाया गया., मगर पुलिस को भी काफी परेशानी हुई. तमाम पूछताछ के बाद पुलिस भी निष्कर्ष पर नहीं आ सकी. ऐसे सुलझा मामला तमाम कोशिशों के बावजूद मामला सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा था. ऐसे में दारोगा अवधेश शर्मा को एक उपाय सूझा, उन्होंने दोनों पक्षों को थाने के बाहर निकाल दिया और गेट बाहर खड़ा कर दिया. भैंस को खुला छोड़ दिया. गांव वाले भी इस निर्णय से सहमत हुए और नंदलाल और हनुमान दोनों को अपने गांव के रास्ते पर विपरीत दिशाओं में खड़े होने के लिए कहा गया. भैंस नंदलाल के पास पहुंच गई. ऐसे में मामला स्पष्ट हो गया और भैंस को नंदलाल को दे दिया गया. मामला सुलझने के बाद भैंस को थाने से रिहा कर दिया और वह सीधे नंदलाल के पीछे-पीछे राय असकरनपुर गांव की ओर चली गई. ऐसे में देखा जा सकता है कि कैसे भैंस ने खुद अपने केस को सुलझा दिया.

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