BREAKING NEWS

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

शहरी क्षेत्रों में सेंट्रल किचन से होगी सप्लाई - विकासशील

स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े होंगी मुख्य अति

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा बढ़ा! इन राज्यों में स्कूल बंद, तटीय इलाकों मे : चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा बढ़ा! इन राज्यों में स्कूल बंद, तटीय इलाकों में अलर्ट

Vinod Prasad Tue, Oct 28, 2025

Cyclone Montha : दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोंथा’ अब तेजी से ताकतवर होता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात 28 अक्टूबर को मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के पास तट से टकरा सकता है। यह तूफान ‘सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म’ के रूप में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

26 अक्टूबर को एक डीप डिप्रेशन के रूप में शुरू हुए इस सिस्टम ने कुछ ही घंटों में रफ्तार पकड़ ली। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में तेज हवाएं, भारी बारिश और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने रायलसीमा, काकीनाडा, विशाखापट्टनम और आसपास के जिलों में 27 से 31 अक्टूबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। वहीं, ओडिशा में 28 और 29 अक्टूबर को सभी स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।

तमिलनाडु में भी चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए चेन्नई और तटीय क्षेत्रों के कुछ स्कूलों और कॉलेजों में अस्थायी छुट्टियां दी गई हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मोंथा का असर 30 अक्टूबर तक बना रह सकता है और इसके कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें