इंडिया गठबंधन की बैठक में 25 दलों की मौजूदगी : महंगाई-बेरोजगारी समेत पांच मुद्दों पर बनी सहमति
Vinod Prasad Tue, Jun 9, 2026
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आज सोमवार को इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस की अगुवाई में 25 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और देश के विभिन्न अहम मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर सहमति जताई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ विपक्षी नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि गठबंधन के सभी दलों ने पांच प्रमुख मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ने का फैसला किया है। इनमें शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और आर्थिक हालात प्रमुख रूप से शामिल हैं। विपक्षी दलों ने नीट और सीबीएसई से जुड़े हालिया विवादों को लेकर केंद्र सरकार को भी घेरा। नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
खड़गे ने कहा कि, खड़गे ने कहा कि SIR में करोड़ों वोटर के नाम कटे। SIR और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर CJI को लेटर लिखेंगे। देश के मौजूदा आर्थिक हालात, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को जल्द सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। साथ ही मानसून सत्र के दौरान संसद में विपक्ष की रणनीति को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन समन्वय बैठकें आयोजित करने का भी फैसला लिया गया है। बैठक में यह भी तय हुआ कि इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां हर दो महीने में बैठक करेंगी। गठबंधन की अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
इन पांच मुद्दों पर बनी सहमति
1. SIR, मतदाता सूची में कथित हस्तक्षेप और चुनावों की निष्पक्षता के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने पर सहमति बनी है. यह पत्र उन्हें जल्द से जल्द सौंपा जाएगा।
2. नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उनके कार्यकाल में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े मामलों में लाखों युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। जिस वजह से बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
3. देश की गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचारों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। जनहित से जुड़े इन विषयों पर केंद्र सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें हम अपने सभी मुद्दे और सुझाव रखेंगे।
4. इंडिया ब्लॉक के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। हमारी अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित होगी।
5. संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय जारी रहेगा। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में प्रतिदिन सुबह एक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
बता दें कि, बैठक के अंत में नेताओं ने संकेत दिए कि आने वाले समय में महंगाई, बेरोजगारी, चुनावी प्रक्रिया, संविधान और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जा सकता है। राजनीतिक जानकार इस बैठक को विपक्षी एकता के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। हालांकि गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेद पूरी तरह खत्म हुए हैं या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल विपक्ष ने एकजुटता का संदेश देते हुए सरकार के खिलाफ साझा संघर्ष का संकेत दिया है।
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