ट्रैफिक चालान नियमों में बड़े बदलाव : , लोक अदालत जाने से पहले भरना होगा 50% जुर्माना
Vinod Prasad Wed, Jun 24, 2026
नई दिल्ली। ट्रैफिक चालान से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब वाहन मालिकों को लोक अदालत में चालान से राहत पाने या जुर्माना कम कराने से पहले निर्धारित चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य हो सकता है। इसके बाद ही मामला लोक अदालत में सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाएगा।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति चालान को चुनौती देना चाहता है या लोक अदालत के माध्यम से उसका निपटारा कराना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित राज्य के ऑनलाइन पोर्टल पर चालान राशि का आधा भुगतान करना होगा। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
45 दिन के भीतर करनी होगी कार्रवाई
नए प्रावधानों के तहत वाहन मालिक को चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर या तो जुर्माना जमा करना होगा या निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करनी होगी। इसके बाद ही लोक अदालत में मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। प्रस्तावित नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भी सख्त प्रावधान शामिल हैं। यदि 1 जनवरी 2026 से किसी चालक के नाम एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक ट्रैफिक चालान दर्ज होते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः निरस्त किया जा सकता है।
लंबित चालान वाले वाहन हो सकते हैं ब्लैकलिस्ट
नए नियम लागू होने पर जिन वाहनों के चालान लंबे समय तक लंबित रहेंगे, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं पर भी प्रतिबंध लग सकता है। वाहन स्वामित्व हस्तांतरण, पता परिवर्तन, परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, हाइपोथेकेशन हटाने जैसी कई सेवाएं तब तक उपलब्ध नहीं होंगी, जब तक लंबित चालानों का निपटारा नहीं किया जाता।
लाइसेंस की वैधता बढ़ाने पर भी विचार
इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। वर्तमान में लाइसेंस की वैधता 20 वर्ष या 40 वर्ष की आयु तक (जो पहले हो) होती है। प्रस्ताव है कि इसे बढ़ाकर 50 वर्ष की आयु तक किया जाए, जिससे लोगों को बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। साथ ही वाहन ट्रांसफर और परमिट नवीनीकरण जैसी सेवाओं को भी अधिक सरल और डिजिटल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
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