राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि : मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत नेता पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
Mon, Jul 14, 2025
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। पहले दिन स्पीकर डॉ रमनसिंह ने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और सदन के पूर्व सदस्य राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन की सूचना दी।
इसके पश्चात स्पीकर, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल और संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने दोनों दिवंगत नेताओं के जीवन चरित्र को याद करते हुए उनके निधन को देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह ने दिवंगत नेताओं के सम्मान में दो मिनट के लिए मौन श्रद्धांजलि दी। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
कांग्रेस-बीजेपी होंगे आमने-सामने : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से होगा शुरू, कांग्रेस-बीजेपी होंगे आमने-सामने
Mon, Jul 14, 2025
रायपुर :-
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज, 14 जुलाई से शुरू हो रहा है और यह 18 जुलाई तक चलेगा। सत्र के दौरान सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू होगी। यह सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं, क्योंकि विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं। कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि, शराब घोटाला, डीएपी खाद की कमी, कानून व्यवस्था और राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने रविवार को राजीव भवन में कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई। महंत ने सत्र की अवधि को कम बताते हुए पहले ही दिन खाद और बीज की कमी को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विधायक पूरी ताकत और आक्रामकता के साथ सदन में भाग लेंगे और सरकार से किसानों की समस्याओं को लेकर जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा, “सदन में मोटी लाठी लेकर जाएंगे।”
दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की तरह मौजूदा सरकार सत्र से भागने वाली नहीं है। उन्होंने बताया कि शराब घोटाले की राशि और भी बढ़ गई है, जिस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। अब देखना होगा कि यह पांच दिवसीय सत्र किन मुद्दों पर बहस और टकराव का केंद्र बनता है।