रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पदभार : जानिए उनकी प्रमुख उपलब्धियां
Sat, Jan 24, 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हो गई है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर आईपीएस डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। ज्वाइनिंग के दौरान जीई रोड स्थित नए कमिश्नर कार्यालय में सभी एसीपी, डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
संजीव शुक्ला का परिचय
डॉ. संजीव शुक्ला का जन्म 8 जनवरी 1967 को हुआ। वे 2004 बैच के IPS अफसर हैं। 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) से चयनित होने के बाद उन्होंने राज्य पुलिस सेवा (SPS) में काम किया और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए।
अपने सेवाकाल में उन्होंने दुर्ग जिले में लगभग 7 साल तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पद संभाला। बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में भी जिम्मेदारी मिली। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक दो बार (2010 और 2022) मिल चुका है।
कमिश्नरेट में शामिल 21 थाना क्षेत्र
रायपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत कुल 21 शहरी थाना क्षेत्र शामिल हैं। प्रमुख थाने हैं:
सिविल लाइन
देवेंद्र नगर
तेलीबांधा
कोतवाली
गंज
मौदहा पारा
गोल बाजार
पुरानी बस्ती
डी.डी. नगर
आमा नाका
आजाद चौक
सरस्वती नगर
कबीर नगर
राजेंद्र नगर
मुजगहन
टिकरापारा
उरला (नगर निगम क्षेत्र)
खमतराई
गुढ़ियारी
पंडरी
खम्हारडीह
इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद है।
47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों समेत किया आत्मसमर्पण : नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता
Sat, Jan 24, 2026
धमतरी। जिले के लिए इन दिनों नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस से जुड़े कुल 09 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने धारित हथियारों के साथ धमतरी एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन एवं एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में संपन्न हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस दौरान इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, भरमार सहित 5 स्वचालित हथियार, मैगजीन, राउंड एवं अन्य सामग्री भी जमा कराई गई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बल एवं केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, पोस्टर-पाम्पलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के माध्यम से दिए गए संदेशों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।
जंगलों में अमानवीय जीवन, माओवादी विचारधारा की खोखलापन, लगातार बढ़ता दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया
एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जिले में सक्रिय शेष माओवादी कैडरों से भी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है। आने वाले समय में और भी बड़े आत्मसमर्पण की संभावना है।