पीएम जनमन : आवास योजना से जगदीश बैगा के पक्के घर का सपना हुआ साकार…..
Fri, Feb 13, 2026
रायपुर:
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत विकासखण्ड गौरेला के ग्राम पंचायत अंधियारखोह के श्री जगदीश बैगा के पक्के घर का सपना साकार हो गया है। उन्हें वर्ष 2023-24 में पक्के आवास की स्वीकृति प्रदान की गई थी। योजना से पूर्व जगदीश बैगा अपने परिवार सहित कच्चे मकान में निवास कर रहे थे। कच्चे मकान में रहने के दौरान उन्हें जंगली कीड़े-मकोड़े, सांप, बिच्छू आदि का खतरा हमेशा सताते रहता था। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
सीमित आय के कारण पक्के मकान का निर्माण उनके लिए केवल एक सपना मात्र था। शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास निर्माण से जगदीश बैगा के जीवन में बड़ा बदलाव आया। अब जगदीश अपने परिवार के साथ पक्के आवास में सुरक्षित और सम्मान के साथ निवास कर रहे हैं। पीएम जनमन आवास जगदीश बैगा जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन स्तर में सुधार का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की 4 सेंट्रल जेलों को मिला आईएसओ गुणवत्ता प्रमाणन, : राज्य में जेलों की व्यवस्था व गुणवत्ता सुधार का परिणाम…..
Fri, Feb 13, 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्थाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देशन में राज्य की जेलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इन्हीं प्रयासों का ही यह परिणाम है कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अम्बिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक आईएसओ 9001ः2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा जेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से आईएसओ सर्टिफिकेशन कराने की पहल की थी। यह प्रक्रिया पूर्ण कर राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों को प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस प्रमाणन से जेल प्रशासन में कार्य प्रक्रियाओं में एकरूपता एवं पारदर्शिता, बंदी कल्याण और मानवाधिकार संरक्षण को बढ़ावा, जोखिम प्रबंधन और जवाबदेही में सुधार, जनविश्वास एवं संस्थागत विश्वास में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य की सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य जेलों को केवल निरुद्ध स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित करना है।