साय सरकार की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी, : कच्चे घर से पक्के आशियाने तक पहुंचीं गायत्री बाई
Wed, Apr 15, 2026
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। इसका सजीव उदाहरण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत सेमरा की निवासी गायत्री बाई हैं, जिनका जीवन अब पूरी तरह बदल चुका है। कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में मुश्किलों का सामना करता था। बारिश के दिनों में छत टपकती थी, दीवारें कमजोर थीं और परिवार के सदस्यों को हर समय असुरक्षा का डर बना रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक अधूरा सपना ही था।
लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने की नीति ने उनके जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गायत्री बाई का चयन हितग्राही के रूप में हुआ और उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। सरकार की इस मदद और अपनी मेहनत के बल पर गायत्री बाई ने धीरे-धीरे अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया। ग्राम पंचायत और जनपद स्तर से मिले निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का, सुरक्षित और सुंदर घर तैयार हो गया।
अब गायत्री बाई और उनका परिवार हर मौसम में बिना किसी परेशानी के एक सुरक्षित और स्वच्छ घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। बच्चों को भी अब बेहतर वातावरण मिल रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत हो रही है। गायत्री बाई भावुक होकर कहती हैं, साय सरकार की इस योजना ने हमारे जीवन को बदल दिया है। पहले हम हर समय डर और चिंता में रहते थे, लेकिन अब हमारे पास अपना सुरक्षित घर है। विष्णुदेव साय सरकार की जनहितकारी योजनाएं न केवल लोगों को सुविधाएं प्रदान कर रही हैं, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास भी ला रही हैं।
बाबा साहेब के संविधान : ने ही हमें जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा का अधिकार दिया: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
Wed, Apr 15, 2026
रायपुर |
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
समरसता भोज: जातिगत भेदभाव मिटाने की पहल
सांसद अग्रवाल भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा टिकरापारा स्थित बालक छात्रावास में आयोजित ‘समरसता भोज’ में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने युवाओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे सीधा संवाद किया।
इस अवसर पर उन्होंने समाज में एकता और समानता का संदेश देते हुए कहा कि , “आज भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर जी की जयंती है और बाबासाहेब अंबेडकर जी ने पूरे देश में एकरूपता, समरूपता और समरसता का संदेश दिया था कि हमारे संविधान में कोई छोटा नहीं है, कोई बड़ा नहीं है, सब बराबर हैं और सबको एक वोट का अधिकार दिया था
और इसलिए आज भी कहीं न कहीं थोड़ा बहुत लोगों में भेदभाव या जातिगत भावना है, उसको दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया कि ‘समरसता भोज’ का आयोजन ऐसे स्थानों पर करेंगे और उसके माध्यम से एक समरसता का संदेश देंगे
और उसी के तहत आज यह टिकरापारा SC छात्रावास में हमारे भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में अर्पित सूर्यवंशी जी, उनके नेतृत्व में समरसता भोज का आयोजन किया गया और मेरा सौभाग्य है कि उसमें मुझे भी शामिल होने का अवसर मिला।”
प्रतिमा अनावरण: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज
इसके पश्चात, सांसद बृजमोहन अग्रवाल रायपुर के कचहरी चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के साथ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी, 21 फीट ऊँची बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि रायपुर के हृदय स्थल में स्थापित यह विशाल प्रतिमा हमारी नई पीढ़ी को सदैव बाबा साहेब के संघर्षों और उनके महान आदर्शों की याद दिलाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि ,”बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से हमें वह शक्ति और अधिकार दिए हैं, जिसके कारण आज हम लोकतंत्र के इस मंच पर जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा कर पा रहे हैं। यदि बाबा साहेब और उनका दिया संविधान न होता, तो शायद हम आज सांसद, मंत्री या विधायक के रूप में यहाँ उपस्थित न होते।”
कार्यक्रम में भाजयुमो के पदाधिकारी, भारी संख्या में छात्र एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के जयकारों के साथ समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।