: अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यक्रम रद्द... मुख्यमंत्री के सलाहकार ने दावेदारों को लगाई फटकार...मंच से ही सुनाई खरीखोटी... दावेदारों के पास नहीं कार्यकर्ता...दावेदारों, संगठन के साथ-साथ जिला कांग्रेस प्रभारी पर उठ रही जिम्मेदारी की उंगलियां...
Admin Tue, Sep 12, 2023
अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यक्रम रद्द... मुख्यमंत्री के सलाहकार ने दावेदारों को लगाई फटकार...मंच से ही सुनाई खरीखोटी... दावेदारों के पास नहीं कार्यकर्ता...दावेदारों, संगठन के साथ-साथ जिला कांग्रेस प्रभारी पर उठ रही जिम्मेदारी की उंगलियां...मुंगेली/ कांग्रेस द्वारा आज मुंगेली में विधानसभा स्तरीय संकल्प शिविर का आयोजन कृषि उपज मंडी प्रांगण में रखा गया था जिसमें पहले मुख्यमंत्री के आने की चर्चा थी, एक दिन पहले मुख्यमंत्री का आना रद्द हुआ और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ दीपक बैज का कार्यक्रम में आना फाइनल हुआ, साथ ही प्रोटोकॉल भी आ गया था, पर आज कार्यक्रम के दिन कार्यक्रम स्थल में कांग्रेस के नेता व संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी भीड़ नहीं जुटा पाये, न ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखी जिसके चलते मुख्यमंत्री सलाहकार विनोद वर्मा ने कांग्रेसी नेताओं को जमकर फटकार लगाई और मंच से ही खरीखोटी सुनाई। कार्यक्रम में भीड़ न होने के चलते उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ दीपक बैज का इस कार्यक्रम में आना रद्द हो गया। जिससे नेताओं में मायूसी तो दिखी पर जरा सी भी उनमें आत्मग्लानि नहीं दिखी। मुंगेली में विधायक बनने की चाह में करीब दर्जन भर से अधिक लोगों ने कांग्रेस से दावेदारी किया हैं, पर ताज्जुब की बात तो यह हैं कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में ये दावेदार भीड़ जुटाने की काबिलियत नहीं रखते, जिसका उदाहरण आज देखने को मिला। आज संकल्प शिविर में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज मुंगेली के कृषि उपज मंडी आने वाले थे, पर भीड़ नहीं होने की वजह से कार्यक्रम प्रभारी विनोद वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नेताओं को जमकर फटकार लगाई, भीड़ नहीं होने की वजह से उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का मुंगेली मंडी में आयोजित रद्द हो गया, जिससे एक बार फिर मुंगेली के कांग्रेसी नेताओं और दावेदारों की वजह से कांग्रेस काजा रहा कि भीड़ नहीं होने की वजह से इनका मुंगेली आगमन रद्द हुआ। हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया हैं कि कांग्रेस के नेता और प्रभारी सीमा वर्मा पार्टी के प्रति गैरजिम्मेदार हैं।
क्या संगठन के पदाधिकारियों और प्रभारी सीमा वर्मा ने ईमानदारी से निभाई अपनी जिम्मेदारी ?
काफी लंबे समय से मुंगेली कांग्रेस की जिला प्रभारी सीमा वर्मा हैं, इनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने कई कार्यक्रम जिले में किये परंतु कार्यक्रमों में भीड़ न आना समझ से बाहर हैं, क्या जिले में कांग्रेसी अभी तक संगठित नहीं हो पाए हैं ? क्या कार्यकर्ताओं में पार्टी और भुपेश सरकार के प्रति बहुत आक्रोश हैं ? क्या जिले में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही हैं ? वे असंतुष्ट हैं ? क्या उनका अपमान किया जा रहा ? ऐसे कई अनसुलझे रहस्य हैं जो कांग्रेस के बड़े नेता सुलझाना नहीं चाहते ? कांग्रेसी सूत्रों की माने तो जिले की कांग्रेसप्रभारी सीमा वर्मा और शहर कांग्रेस के नेतृत्व व कार्यशैली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश हैं, उनका कहना हैं कि प्रभारी सीमा वर्मा के रहते मुंगेली जिले के विधानसभाओं में कांग्रेस का जीतना बहुत मुश्किल हैं। सीमा वर्मा मुंगेली जिले की कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद कांग्रेस भवन में एक बैठक के दौरान सभी कांग्रेसी नेताओं से विशेष अपील करते हुए सभी ने संकल्प भी लिया था कि जब तक मुंगेली में कांग्रेस का विधायक नहीं बन जाता तब तक इस कांग्रेस कार्यालय के कक्ष में आयोजित होने वाले किसी मीटिंग या कार्यक्रम में में कोई भी कांग्रेस का बड़ा नेता, जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी मंच वाले सामने की कुर्सी में नहीं बैठेगा, सभी सामने की कुर्सी में कार्यकर्ता बन बैठेंगे, सभी ने इस बात का समर्थन करते हुए जमकर तालियां भी बजाई थी, उसके बाद भी अपने संकल्प न ही सीमा वर्मा कायम रहीं और न कांग्रेस के नेता। फिलहाल आज के कार्यक्रम में भीड़ नहीं होने की वजह से कांग्रेस संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों और प्रभारी सीमा वर्मा की जिम्मेदारी पर सभी सवाल उठ रहे हैं ?
बहरहाल आज उपमुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ का कार्यक्रम मुंगेली में रद्द होने मामले में आलाकमान को गंभीर होने चाहिए, और कारण जानने के साथ साथ कार्यवाही भी की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भाषण देते हुए कहा कि ये जो 35 लोगों ने जो दावेदारी की हैं अगर एक-एक आदमी 8-8 बूथ की भी जिम्मेदारी ले लेता तो हर बूथ से दस दस लोग आ जाते, संगठन का काम अगर आप नहीं करेंगे, आपको लगता हैं कांग्रेस के टिकट से आप जीत जाओगे तो नहीं जीतोगे, नेता चुनाव नहीं जीतता बूथ का कार्यकर्ता जीतता हैं, अगर आप बूथ के कार्यकर्ता की उपेक्षा करेंगे उसको सम्मान नहीं देंगे उसके सामने लड़ते झगड़ते रहेंगे तो कभी चुनाव नहीं जीतेंगे। आप इतने साल से मुंगेली इसीलिए नहीं जीत पाये क्योंकि कार्यकर्ताओं को एक रखने की बजाय उनके सामने लड़ते झगड़ते रहते हैं। विनोद वर्मा के इस भाषण को सुन कांग्रेस पार्टीजिंदाबाद के नारे लगने शुरू हो गए जिस पर विनोद वर्मा ने कहा कि जिंदाबाद के नारे लगाना बंद करें, उस दिन जिंदाबाद करना जिस दिन विधानसभा जीत जाएंगे, पिछली बार भी संकल्प शिविर हुए थे हमारा अनुभव है कि पीछे जो आखरी कुर्सी में बैठा कार्यकर्ता हैं वो संकल्प क पालन करता हैं पर उसके ऊपर नेता उस कार्यकर्ता की तरह निष्ठा से का काम नहीं करते, संकल्प के अनुरूप पार्टी की निष्ठा से काम करना चाहिए
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क्या संगठन के पदाधिकारियों और प्रभारी सीमा वर्मा ने ईमानदारी से निभाई अपनी जिम्मेदारी ?
काफी लंबे समय से मुंगेली कांग्रेस की जिला प्रभारी सीमा वर्मा हैं, इनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने कई कार्यक्रम जिले में किये परंतु कार्यक्रमों में भीड़ न आना समझ से बाहर हैं, क्या जिले में कांग्रेसी अभी तक संगठित नहीं हो पाए हैं ? क्या कार्यकर्ताओं में पार्टी और भुपेश सरकार के प्रति बहुत आक्रोश हैं ? क्या जिले में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही हैं ? वे असंतुष्ट हैं ? क्या उनका अपमान किया जा रहा ? ऐसे कई अनसुलझे रहस्य हैं जो कांग्रेस के बड़े नेता सुलझाना नहीं चाहते ? कांग्रेसी सूत्रों की माने तो जिले की कांग्रेसप्रभारी सीमा वर्मा और शहर कांग्रेस के नेतृत्व व कार्यशैली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश हैं, उनका कहना हैं कि प्रभारी सीमा वर्मा के रहते मुंगेली जिले के विधानसभाओं में कांग्रेस का जीतना बहुत मुश्किल हैं। सीमा वर्मा मुंगेली जिले की कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद कांग्रेस भवन में एक बैठक के दौरान सभी कांग्रेसी नेताओं से विशेष अपील करते हुए सभी ने संकल्प भी लिया था कि जब तक मुंगेली में कांग्रेस का विधायक नहीं बन जाता तब तक इस कांग्रेस कार्यालय के कक्ष में आयोजित होने वाले किसी मीटिंग या कार्यक्रम में में कोई भी कांग्रेस का बड़ा नेता, जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी मंच वाले सामने की कुर्सी में नहीं बैठेगा, सभी सामने की कुर्सी में कार्यकर्ता बन बैठेंगे, सभी ने इस बात का समर्थन करते हुए जमकर तालियां भी बजाई थी, उसके बाद भी अपने संकल्प न ही सीमा वर्मा कायम रहीं और न कांग्रेस के नेता। फिलहाल आज के कार्यक्रम में भीड़ नहीं होने की वजह से कांग्रेस संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों और प्रभारी सीमा वर्मा की जिम्मेदारी पर सभी सवाल उठ रहे हैं ?
बहरहाल आज उपमुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ का कार्यक्रम मुंगेली में रद्द होने मामले में आलाकमान को गंभीर होने चाहिए, और कारण जानने के साथ साथ कार्यवाही भी की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भाषण देते हुए कहा कि ये जो 35 लोगों ने जो दावेदारी की हैं अगर एक-एक आदमी 8-8 बूथ की भी जिम्मेदारी ले लेता तो हर बूथ से दस दस लोग आ जाते, संगठन का काम अगर आप नहीं करेंगे, आपको लगता हैं कांग्रेस के टिकट से आप जीत जाओगे तो नहीं जीतोगे, नेता चुनाव नहीं जीतता बूथ का कार्यकर्ता जीतता हैं, अगर आप बूथ के कार्यकर्ता की उपेक्षा करेंगे उसको सम्मान नहीं देंगे उसके सामने लड़ते झगड़ते रहेंगे तो कभी चुनाव नहीं जीतेंगे। आप इतने साल से मुंगेली इसीलिए नहीं जीत पाये क्योंकि कार्यकर्ताओं को एक रखने की बजाय उनके सामने लड़ते झगड़ते रहते हैं। विनोद वर्मा के इस भाषण को सुन कांग्रेस पार्टीजिंदाबाद के नारे लगने शुरू हो गए जिस पर विनोद वर्मा ने कहा कि जिंदाबाद के नारे लगाना बंद करें, उस दिन जिंदाबाद करना जिस दिन विधानसभा जीत जाएंगे, पिछली बार भी संकल्प शिविर हुए थे हमारा अनुभव है कि पीछे जो आखरी कुर्सी में बैठा कार्यकर्ता हैं वो संकल्प क पालन करता हैं पर उसके ऊपर नेता उस कार्यकर्ता की तरह निष्ठा से का काम नहीं करते, संकल्प के अनुरूप पार्टी की निष्ठा से काम करना चाहिए
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