BREAKING NEWS

पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास

दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता 12 व 13 नवंबर को

सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: साय

नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री

दिल दहला देने वाली वारदात: 3 साल की पोती को ले जाने से रोका तो दादी की चाकू मारकर हत्या, आरोपी फरार…

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

: हड़बड़ी में मटन खाकर पहुंचा अस्पताल, गले में जा फंसी थी हड्डी

Admin Wed, May 24, 2023

भिलाई। एक बड़ी आबादी हड़बड़ी में भोजन करती है. साथ ही टीवी या मोबाइल स्क्रीन में नजरें गड़ाकर भोजन करना भी कभी-कभी जीवन को संकट में डाल देता है. कुछ ऐसा ही हुआ लगभग 47 वर्ष के इस मरीज के साथ. हड्डी का एक नुकीला टुकड़ा भोजन के साथ आहार नली में जाकर फंस गया. सबकुछ करके देख लिया पर हड्डी न निकली न पेट में गई. अंततः उसे हाइटेक अस्पताल लाया गया. गैस्ट्रो सर्जन डॉ नवील शर्मा ने बताया कि मरीज को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी हालत खराब हो रही थी. गले में तकलीफ तो थी ही, वह भयभीत भी था. हमने तत्काल मरीज को एंडोस्कोप रूप में लिया. हड्डी का यह टुकड़ा गले में आड़ा फंसा हुआ था. इसके नुकीले सिरे आहारनली की दीवारों में उलझे हुए थे. इसे बड़ी सावधानी के साथ पहले दीवारों से अलग किया गया और फिर उसे सीधा कर गले से निकाल दिया गया. डॉ शर्मा ने बताया कि ऐसे नुकीले टुकड़े न केवल आहारनली की दीवारों को बल्कि आमाशय से लेकर छोटी आंत तक कहीं भी घाव बनाने में सक्षम होते हैं. इसलिए जब भी कोई मोटा कांटा या हड्डी का टुकड़ा गले में चला जाए और वहां फंस जाए तो बिना कोई प्रयोग किये तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए. यहां विशेष उपकरणों से उसे सावधानी के साथ निकाला जाता है ताकि कहीं भी चोट न लगे. Cglive24 News

विज्ञापन

जरूरी खबरें