: Politics news -अहिवारा विधानसभा में बड़ा दांव खेल सकती है भाजपा, पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार को घेरने की रणनीति, भाजपा से अचानक एक रिटायर्ड जज और दो कलाकारों के नाम की चर्चा, मची खलबली, पढ़िए पूरी खबर
Admin Thu, Jun 15, 2023
Politics news -अहिवारा विधानसभा में बड़ा दांव खेल सकती है भाजपा, पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार को घेरने की रणनीति, भाजपा से अचानक एक रिटायर्ड जज और दो कलाकारों के नाम की चर्चा, मची खलबली, पढ़िए पूरी खबर
भिलाई। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के गृहनगर वाले अहिवारा विधानसभा में इस बार सबकुछ एक तरफा नहीं रहने वाला। भाजपा के रणनीतिकार यहां बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। भाजपा यहां से एक रिटायर्ड जज या फिर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को देश विदेश में बिखेरने वाले कलाकारों के नाम पर दांव खेल सकती है। इस खबर से भाजपा के अन्य दावेदारों में खलबली मच गई है। दावेदार सकते हैं।
बताया जा रहा है कि इनमें से कई दावेदारों ने तो गांव गांव की दीवारों पर अपना नाम लिखवा लिया है। वाल रायटिंग में जबरदस्त खर्चा किया है। साथ ही अहिवारा के विभिन्न आयोजनों में जमकर चंदा बांटते भी आए हैं। वहीं कांग्रेस से पीएचई मंत्री रुद्र गुरु का इकलौता नाम है। खबर यह भी है कि रुद्र गुरु ने अंदरुनी तौर पर अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। उनकी तैयारी को देखते हुए उनका किसी दूसरे विधानसभा से चुनाव लड़ने की खबर पर भी विराम लग गया। अब यह तय हो गया कि पीएचई मंत्री अहिवारा से ही चुनाव लड़ेंगे।
अहिवारा की राजनीतिक स्थिति
2008 के परिसीमन में पाटन विधानसभा के भिलाई चरोदा निगम, जामुल पालिका तथा अन्य हिस्सों को मिलाकर अहिवारा को नया विधानसभा बनाया गया। एक लाख 90 हजार मतदाता संख्या वाले अहिवारा का ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण है। 2008 में भाजपा के डोमनलाल कोर्सेवाडा यहां के प्रथम विधायक बने थे। दूसरी बार 2013 में भाजपा के सांवलाराम डाहरे जीते। तीसरी बार 2018 में कांग्रेस के रुद्र गुरु ने उलटफेर किया।
कांग्रेस में सिर्फ एक, भाजपा में दर्जनों दावेदार
साल भर पहले तक यह अफवाह थी कि पीएचई मंत्री अब अहिवारा से चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे तखतपुर मुंगेली या फिर अपनी पुरानी सीट पर लौट जाएंगे, पर रुद्र गुरु ने इस अफवाह को विराम दे चुके हैं। वह कांग्रेस की कई बैठकों में कह चुके हैं कि वह कहीं नहीं जाने वाले। 2023 का चुनाव वे अहिवारा से ही लड़ेंगे। इसलिए कांग्रेस से कोई दूसरा दावेदार सामने नहीं आया। कांग्रेस में बगावत के असार भी कम है। जबकि भाजपा से दर्जनों दावेदार पांच साल से तैयारी में लगे हैं। इसमें पूर्व विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा व सांवलाराम डाहरे का भी नाम है। कई अन्य दावेदार तो गांव गांव की दीवारों पर अपना नाम भी लिखवा चुके हैं।
एक रिटायर्ड जज व दो कलाकारों के नाम की चर्चा
अब अहिवारा विधानसभा की राजनीति करवट लेती दिख रही है। दरअसल यहां से एक रिटायर्ड जज व दो छत्तीसगढ़ी कलाकारों के नाम की चर्चा तेज होने लगी है। रिटायर्ड जज अग्र लाल जोशी व पदमश्री राधेश्याम बारले व उषा बारले का नाम भाजपा खेमे से सामने आने लगा है। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि तीनों नामों को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। अंतिम फैसला भी इन्हीं तीनों नामों से होना है। यहां कांग्रेस के लिए भी चिंता की बात है। क्योंकि तीनों नाम अपने आप में बड़े नाम है। एेसे में कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। वहीं भाजपा से इन तीनों नामों के सामने आने के बाद अन्य दावेदारों में खलबली मच गई है।
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अहिवारा की राजनीतिक स्थिति
2008 के परिसीमन में पाटन विधानसभा के भिलाई चरोदा निगम, जामुल पालिका तथा अन्य हिस्सों को मिलाकर अहिवारा को नया विधानसभा बनाया गया। एक लाख 90 हजार मतदाता संख्या वाले अहिवारा का ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण है। 2008 में भाजपा के डोमनलाल कोर्सेवाडा यहां के प्रथम विधायक बने थे। दूसरी बार 2013 में भाजपा के सांवलाराम डाहरे जीते। तीसरी बार 2018 में कांग्रेस के रुद्र गुरु ने उलटफेर किया।
कांग्रेस में सिर्फ एक, भाजपा में दर्जनों दावेदार
साल भर पहले तक यह अफवाह थी कि पीएचई मंत्री अब अहिवारा से चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे तखतपुर मुंगेली या फिर अपनी पुरानी सीट पर लौट जाएंगे, पर रुद्र गुरु ने इस अफवाह को विराम दे चुके हैं। वह कांग्रेस की कई बैठकों में कह चुके हैं कि वह कहीं नहीं जाने वाले। 2023 का चुनाव वे अहिवारा से ही लड़ेंगे। इसलिए कांग्रेस से कोई दूसरा दावेदार सामने नहीं आया। कांग्रेस में बगावत के असार भी कम है। जबकि भाजपा से दर्जनों दावेदार पांच साल से तैयारी में लगे हैं। इसमें पूर्व विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा व सांवलाराम डाहरे का भी नाम है। कई अन्य दावेदार तो गांव गांव की दीवारों पर अपना नाम भी लिखवा चुके हैं।
एक रिटायर्ड जज व दो कलाकारों के नाम की चर्चा
अब अहिवारा विधानसभा की राजनीति करवट लेती दिख रही है। दरअसल यहां से एक रिटायर्ड जज व दो छत्तीसगढ़ी कलाकारों के नाम की चर्चा तेज होने लगी है। रिटायर्ड जज अग्र लाल जोशी व पदमश्री राधेश्याम बारले व उषा बारले का नाम भाजपा खेमे से सामने आने लगा है। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि तीनों नामों को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। अंतिम फैसला भी इन्हीं तीनों नामों से होना है। यहां कांग्रेस के लिए भी चिंता की बात है। क्योंकि तीनों नाम अपने आप में बड़े नाम है। एेसे में कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। वहीं भाजपा से इन तीनों नामों के सामने आने के बाद अन्य दावेदारों में खलबली मच गई है।
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