नागरिक उड्डयन मंत्रालय की पहलों की समीक्षा : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी की उठाई मांग
Vinod Prasad Tue, Mar 10, 2026
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को संसद की एस्टीमेट कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक में “उड़ान योजना सहित भारत में हवाई अड्डों के समग्र विकास के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा की गई पहलों का मूल्यांकन” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एफआईसीसीआई नागरिक उड्डयन प्रभाग, लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड तथा अदानी समूह सहित विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों ने अपने साक्ष्य और सुझाव प्रस्तुत किए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक के दौरान कहा कि देश में हवाई अड्डों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की उड़ान योजना एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है। इससे छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ने में बड़ी सफलता मिली है, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल रही है।

उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने वहां पर कर को कस्टम वीजा आदि सेवाओं के विस्तार के साथ ही बिलासपुर जगदलपुर स्थित एयरपोर्ट को और अधिक हवाई मार्गो से जोड़ने की मांग की।
अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक, खनिज और पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए रायपुर सहित अन्य शहरों में हवाई सेवाओं का विस्तार, नए रूट्स की शुरुआत और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इससे निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार की संभावनाएं हैं। ऐसे में आधुनिक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डों का विकास, बेहतर बुनियादी ढांचा और निजी भागीदारी देश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अग्रवाल ने यह भी कहा कि संसद की समितियां नीतियों और योजनाओं की प्रभावी समीक्षा के माध्यम से देशहित में ठोस सुझाव देती हैं, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तार से देश के साथ-साथ राज्यों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा।
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