BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के करीब पहुंचा पारा; आज अंधड़-बारिश की चेतावनी

ढाई साल के मासूम की मां ने ही ली जान, अपहरण की झूठी कहानी रची

कलेक्टर ने जारी किया आदेश

वेदांता प्लांट हादसा: उच्चस्तरीय जांच शुरू, अब तक 24 मजदूरों की मौत, 29 अप्रैल तक मांगे गए साक्ष्य

पेयजल समस्या और अवैध निर्माण पर डिप्टी सीएम अरुण साव सख्त: धमतरी के EE निलंबित, ठेकेदार पर पेनाल्टी के निर्देश

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

: छत्तीसगढ़ सरकार पुरातन काल से चली आ रही पौनी पसारी की परंपरा को सहेजने का कार्य कर रही: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Admin Sat, Jun 10, 2023

छत्तीसगढ़ सरकार पुरातन काल से चली आ रही पौनी पसारी की परंपरा को सहेजने का कार्य कर रही: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कवर्धा शहर के अंबेडकर चौक के पास 53 लाख 76 हजार रूपए की लागत से नव निर्मित 02 पौनी पसारी परिसर का लोकार्पण कर बड़ी सौगात दी। पौनी पसारी परिसर के लोकार्पण से परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को पक्का चबूतरा और सहारा मिल गया है। उन्होंने पौनी पसारी परिसर में ही मिलेट्स कैफे का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने परिसर का लोकार्पण करते हुए कहा कि पौनी पसारी योजना के जरिए पुराने प्रचलित पारंपरिक व्यवसायों के लिए पक्का शेड, चबूतरा आदि का निर्माण कराया गया है, ताकि पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को सुविधा हो सके और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सके। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पौनी पसारी की परंपरा पुरातन काल से चली आ रही है, जिसे सहेजने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना की शुरूआत की है। इस परिसर में बने शेड को पात्र लोगों को अस्थायी रूप से किराए पर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि पौनी पसारी योजना छत्तीसगढ़ की प्राचीन परंपरा के व्यवसायों को नवजीवन प्रदान कराने में सहायक है। इसके तहत स्थानीय परंपरागत व्यवसायों जैसे लोहे से संबधित कार्याे, मिट्टी के बर्तन, कपडे़ धुलाई, जूते चप्पल तैयार करना, लकड़ी से संबंधित कार्य, पशुओं के लिए चारा, सब्जी-भाजी उत्पादन, कपड़ों की बुनाई-सिलाई, कंबल, मूर्तियां बनाना, फूलों का व्यवसाय, पूजन सामग्री, बांस का टोकना, सूपा, केशकर्तन, दोना-पत्तल, चटाई तैयार करना तथा आभूषण एवं सौंदर्य सामग्री इत्यादि का व्यवसाय पौनी-पसारी व्यवसाय के रूप में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। मिलेट कैफे का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवर्धा के पौनी-पसारी परिसर में मिलेट कैफे का शुभारंभ किया। उन्होंने मिलेट कैफे में बैठकर व्यंजनों का स्वाद चखा और कैफे का संचालन करने वाले महिला समूह की सराहना की।  

विज्ञापन

जरूरी खबरें