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BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का : BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का था इनाम, पत्नी भी ढेर

Vinod Prasad Tue, Nov 18, 2025

BIG BREAKING: खूंखार नक्सली माडवी हिड़मा मारा गया. हिड़मा नक्सली एनकाउंटर में आंध्र प्रदेश में मारा गया है. इसपर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे सहित कुल 6 नक्सलियों के शव सुरक्षाबलों ने बरामद किए है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा के एनकाउंटर की पुष्टि की है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की पुष्टि मुठभेड़ में मारा गया मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा

माडवी हिड़मा के बारे में

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 2004 से अब तक 27 से अधिक हमलों में शामिल था. इन हमलों में 2013 का झीरम अटैक और 2021 का बीजापुर अटैक शामिल है.

150 से अधिक जवानों का हत्यारा था माडवी हिड़मा

बता दें कि कुख्यात हिड़मा को सुरक्षा बलों के खिलाफ उसके अभियानों के लिए जाना जाता है. 3 अप्रैल 2021 को सुरक्षाबल पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर-1 के कमांडर माड़वी हिड़मा को पकड़ने निकले थे, लेकिन मौके पर नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोल दिया और इस मुठभेड़ में 22 जवानों की मौत हो गई थी.

वहीं अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमले में सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हो गए थे. दंतेवाड़ा हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे. राज्य पुलिस के मुताबिक, दंतेवाड़ा हमले में भी हिड़मा ने सामने से नेतृत्व किया था.

सुकमा में हुआ था हिड़मा का जन्म

हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था और वो बीजापुर में एक स्थानीय जनजाति से संबंध रखता था. वो माओवादियों की पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड था. इसके अलावा माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का भी सदस्य था. इतनी ही नहीं सीपीआई की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का सदस्य था.

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