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दिल्ली। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन मे : भागवत बोले- इंटरनेशनल ट्रेड किसी दबाव में नहीं होगा, भारत आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलेगा

Vinod Prasad Sat, Jan 17, 2026

दिल्ली। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, देश में बने उत्पाद ही खरीदें और केवल उन्हीं वस्तुओं को विदेश से मंगाएँ, जो भारत में नहीं बन सकती।

भागवत ने इंटरनेशनल ट्रेड को लेकर स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश के दबाव में नहीं है। चाहे कोई देश टैरिफ लगाए या अन्य दबाव बनाए, भारत ने आत्मनिर्भरता के मार्ग को चुना है और उसी पर चलते हुए विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ देश ग्लोबलाइजेशन को सिर्फ आर्थिक दृष्टिकोण से देखते हैं, जबकि भारत इसे वैश्विक परिवार (Global Family) के नजरिए से समझता है।

RSS प्रमुख ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और चरित्र पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदियों से हमलों और कठिनाइयों के बावजूद भारत की परंपराएँ जीवित रही हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार, धर्म और नैतिक मूल्यों वाले लोग ही हिंदू कहलाए और उनके भूभाग को भारत कहा गया। भागवत ने बताया कि देश की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि समझ, नैतिकता, ज्ञान और सही सिद्धांतों में भी है।

भागवत ने हिंदू समाज की एकता और जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्वक कदम उठाने चाहिए, समय पर बिल भरें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और परिवार में मिलकर भजन, भोजन और परंपराओं पर चर्चा करें। साथ ही, हिंदू समाज को जाति, संप्रदाय और भाषा की दीवारों को तोड़कर भाईचारे का भाव अपनाना चाहिए।

RSS प्रमुख ने दुनिया में भारत की पहचान के लिए सशक्त और प्रभावशाली हिंदू समाज की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा और दुनिया की सेवा कर पाएगा। उन्होंने युवाओं को भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ विदेशों की यात्रा कर दुनिया देखने की सलाह दी।

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