BREAKING NEWS

डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ी, कल शाम 6 बजे तक का मौका

सेंटर में जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा, लोक संस्कृति ने बांधा समां

खेती-किसानी को मिला नया संबल

भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, कहा - 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है तिरंगा

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग में सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

घोटाले की भेंट चढ़ा एंबुलेंस : घोटाले की भेंट चढ़ा एंबुलेंस ! स्वास्थ्य मंत्री ने हरिझंडी दिखाकर किया था सुपर्द, अब भेजा गया वापस

Vinod Prasad Wed, Aug 13, 2025

गरियाबंद। देवभोग के किडनी पीड़ितों के गांव सुपेबेड़ा में जिस एंबुलेंस को साल भर पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हरिझंडी दिखाकर सुपर्द किया था,उसे अब वापस भेज दिया गया है। वजह जान कर आप भी हैरान हो जाएंगे।

दरअसल रायपुर के एंबुलेंस सेवा वाले फर्म से जिस एंबुलेंस को लगाया गया था, उसका विधिवत अनुबंध नहीं किया गया था, न बजट तय था, ना मद की व्यवस्था थी, वाहन प्रति 2000 किमी प्रति माह 1.5लाख दर से लगाया गया था। उससे अतिरिक्त चलने पर अतरिक्त बिलिंग हुई,12 माह में 14 लाख लागत वाली एंबुलेंस का 15 लाख का बिल हो गया। जिसे बगैर किसी वैधानिक प्रकिया के केंद्रीय एन एच एम मद से 10 लाख का भुगतान भी कर दिया गया था। जब सीएमएचओ की कुर्सी बदली तो एंबुलेंस की फाइल देख उसे वापस करना ही मुनासिब समझा गया। एंबुलेंस के नाम पर हुए खर्च ने अब तमाम खर्चों पर सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे व्यय की जांच की मांग उठ रही है।

मामले में अब सुपेबेड़ा के बीमार लोगों ने भी प्रतिक्रिया दिया है। उनकी माने तो ऐसे खर्चों के बजाए पूर्व की तरह उन्हें ब्लड जांच और किडनी रोग की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। क्योंकि अब उन्हें खरिदना पड़ रहा है।

 

विज्ञापन

जरूरी खबरें