BREAKING NEWS

साव

हिंदी पट्टी की छवि को तोड़कर पूरब और दक्षिण-पूर्व की ओर किया विस्तार : शर्मा

डॉ. पाण्डेय

भाजपा

मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता : साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

अजब-गजब : मृत व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी, मृत्यु के 18 महीने बाद : अजब-गजब : मृत व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी, मृत्यु के 18 महीने बाद गिरफ्तार करने घर पहुंची पुलिस, फिर जो हुआ…

Vinod Prasad Sat, Sep 20, 2025

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ऐसे व्यक्ति का गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है, जिसका निधन 18 महीने पहले हो चुका था। यह घटना कानूनी और पुलिस प्रक्रियाओं की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

यह मामला दिलीप दुबे नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जो कोरबा के एमपी नगर के निवासी थे। उनका निधन 31 जनवरी 2024 को हो गया था। इसके बावजूद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 19 सितंबर 2024 को उनके नाम से एक गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। वारंट में उन्हें एक मामले में साक्षी के रूप में अदालत में पेश न होने के कारण गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है।

दुबे के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में उन्हें कभी भी समन नहीं भेजा और सीधे गिरफ्तारी वारंट लेकर उनके घर पहुंच गई। यह मामला तब का है जब एक युवक ने उनके बेटे के साथ मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट रामपुर पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने दिलीप दुबे और उनकी पत्नी को साक्षी बनाया था। परिवार अब वारंट रद्द करवाने के लिए न्यायालय के चक्कर लगा रहा है। यह घटना पुलिस और न्यायिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल इस मामले पर किसी भी अधिकारी का कोई बयान नहीं आया है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें